मांगलिक दोष निवारण – मंगल दोष से मुक्ति के प्रभावी उपाय
क्या आपकी कुंडली में मांगलिक दोष (Mangal Dosha) है? क्या विवाह में देरी, रिश्तों में तनाव या वैवाहिक जीवन में बाधाएँ आ रही हैं? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए मांगलिक दोष निवारण पूजा अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।
विशेष रूप से पवित्र नगरी Ujjain में स्थित Mangalnath Temple में मंगल दोष शांति कराना शुभ और शीघ्र फलदायी माना जाता है।
🪐 मांगलिक दोष क्या है?
जब जन्म कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में मंगल स्थित होता है, तो उसे मांगलिक दोष कहा जाता है। इसे कुज दोष या भौम दोष भी कहा जाता है।
मांगलिक दोष के लक्षण:
-
विवाह में देरी
-
दांपत्य जीवन में कलह
-
रिश्तों में अस्थिरता
-
गुस्सा और आक्रामक स्वभाव
-
संपत्ति विवाद
-
दुर्घटना योग
🕉 मांगलिक दोष निवारण पूजा विधि
मंगल ग्रह को शांत करने के लिए विशेष वैदिक अनुष्ठान किया जाता है:
-
गणेश पूजन
-
नवग्रह पूजन
-
मंगल बीज मंत्र जाप – ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
-
मंगल शांति हवन
-
अभिषेक एवं पूर्णाहुति
-
ब्राह्मण भोजन व दान
पूजा अवधि: 2–3 घंटे
स्थान: उज्जैन, विशेष रूप से मंगलनाथ मंदिर परिसर
📍 उज्जैन में मांगलिक दोष निवारण क्यों करें?
-
मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह की जन्मस्थली मानी जाती है
-
पवित्र Kshipra River के तट पर स्थित
-
अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा शास्त्र सम्मत पूजा
-
व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार संकल्प
उज्जैन में की गई मंगल शांति पूजा का प्रभाव अधिक और शीघ्र माना जाता है।
✨ मांगलिक दोष निवारण के लाभ
📅 मांगलिक दोष निवारण का शुभ समय
💰 मांगलिक दोष निवारण पूजा लागत
पूजा की लागत निर्भर करती है:
-
सामान्य या विशेष हवन
-
पंडितों की संख्या
-
पूजा सामग्री
-
मंदिर या निजी आयोजन
ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध है।
📞 ऑनलाइन मांगलिक दोष निवारण बुकिंग